पाकुड़, दिसम्बर 19 -- महेशपुर। महेशपुर प्रखंड क्षेत्र को कृषि प्रधान क्षेत्र के रुप में जाना जाता है। धनकटनी का कार्य खत्म होने के साथ ही किसान सरसों तथा आलू की खेती कार्य में जुट गए हैं। शुक्रवार को तेलियापोखर गांव में खेत में आलू के छोटे-छोटे पौधों की क्यारी बनाने में जुटे हुए दिखे। ठीक उसके पीछे उनके द्वारा लगाई गई सरसों के पौधों पर भी पीले-पीले फूल निकले हुए दिखे। बताते चलें कि धान की फसल के समय असमय हुई बारिश से किसानों को मनोनुकूल फसल की पैदावार नहीं मिल पाई थी। अब आलू व सरसों की फसल के समय किसानों के बीच कुहासे (कोहरे) के छाने की चिंता बनी हुई है। कुहासे से आलू और सरसों की फसल की पैदावार प्रभावित होती है।कुहासे से आलू की फसल में झुलसा नामक बीमारी तथा सरसों की फसल में लाही की बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। पर दिसंबर माह में अबतक...
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