प्रयागराज, दिसम्बर 11 -- खाकचौक और तीर्थ पुरोहितों का विवाद अभी सुलझा भी नहीं और अब नया विवाद सामने आ गया है। 19 दिसंबर को शंकराचार्यों को त्रिवेणी मार्ग पर जमीन आवंटित करने का ऐलान किया गया तो संतों का आक्रोश भड़क उठा। संतों ने विलंब को देखते हुए शिविर न लगाने पर बात करने की घोषणा की। संतों का कहना है कि अफसरों की अदूरदर्शिता का परिणाम है कि अब तक संस्थाएं भटक रही हैं। इस पर उप मेलाधिकारी ने 15 दिसंबर तक जमीन आवंटित करने की बात कही थी। शंकराचार्यों को जब जमीन दी जाती है तो शिविर व पंडाल बड़े बनते हैं। बड़े-बड़े द्वार बनाने के कारण इसमें 15 से 20 दिन का वक्त लगता है। इस बार मेला तीन जनवरी से शुरू हो रहा है। शंकराचार्य मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में स्नान के लिए आएंगे। ऐसे में व्यवस्थाओं को करने के लिए समय कम मिल रहा है। अधिकारी इस बार भी ...