उन्नाव, नवम्बर 25 -- उन्नाव। करोड़ों रुपये की कोडीन की कालाबाजारी करने के आरोपी ने मामले को पेंचीदा बनाने के लिए ऐसे पैंतरे अजमाए हैं कि अधिकारी भी हैरत में पड़ गए हैं। आरोपी ने पहले तो इनवाइस पर दूसरे का ड्रग लाइसेंस नंबर डलवाया, इसके बाद भी पकड़ से दूर रहने के लिए भाई द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर पर खुद की जीएसटी पंजीकृत करा ली। अब मामला दो विभागों के बीच उलझ गया है। ऐसे में छह हजार सिरप की खरीद किसने की और कहां खपाई इसका पता लगाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। लखनऊ की इधिका लाइफसाइंस द्वारा बांगरमऊ की अंबिका हेल्थकेयर फर्म को 1,07,890 कोडीन युक्त कफ सिरप बेंचने की पुष्टि हुई है। मामले की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि अंबिका हेल्थ केयर संचालक अजय कुमार का भाई अरुण बांगरमऊ में ही मेडिकल स्टोर का संचालित करता है। इस मेडिकल स्टोर पर इधिका द्वारा रिट...