गंगापार, जून 16 -- मांडा विकास खंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत हजारों मनरेगा जॉब कार्ड धारक मजदूरों को दो महीने से मनरेगा योजना के तहत काम करने के बावजूद मजदूरी का भुगतान शासन द्वारा नहीं किया जा सका, जिससे मजदूरों के परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। इसी तरह दो साल से ग्राम पंचायतों के पक्के कार्यों का भी भुगतान नहीं हो पाया है। मांडा विकास खंड के 69 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले लगभग 35 हजार जाब कार्ड मजदूरों को 20 अप्रैल के बाद से मजदूरी नहीं मिल पायी है। तमाम ग्राम प्रधानों की पीड़ा यह है कि मनरेगा के कार्यों का भुगतान न होने से सुबह से शाम तक जाब कार्ड धारक मजदूरों की शिकायतें तो झेलनी ही पड़ती है, साथ ही ग्राम पंचायत का विकास कार्य भी अधर में पड़ा हुआ है। पक्के कार्यों का भुगतान भी दो साल से नहीं हो पाया...
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