रामपुर, नवम्बर 10 -- टीबी मुक्त भारत का सपना जिले में पूरा होता नहीं दिखाई दे रहा है। वर्ष 2025 तक जिले को टीबी से मुक्त किया जाना है मगर अभी तक 680 में से मात्र 23 ग्राम पंचायतें ही टीबी मुक्त हो पाई हैं। यह स्थिति तब है कि जब जिले में टीबी मुक्त अभियान जोर-शोर से चल रहा है। 25 लाख की आबादी वाले रामपुर जिले में वर्तमान में 5616 टीबी के रोगी सक्रिय हैं और इनका जिला क्षय रोग नियंत्रण केंद्र के माध्यम से उपचार चल रहा है। टीबी के रोग के खात्मे के लिए अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर उनकी जांच और उपचार की व्यवस्था जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी-पीएचसी, जन आरोग्य मंदिर आदि स्थानों पर दी गई है। यहां पर मरीजों की जांच की जाती है और इसके बाद रिपोर्ट पाजीटिव आने के बाद मरीज का उपचार शुरू कर दिया जाता है। पीएम मोदी ने वर्ष 2025 तक देश भर से ट...
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