बलिया, मार्च 7 -- नगरा, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बा में लगभग दो दशक पहले वर्ष 2006 में घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी से आज तक एक भी बूंद जल किसी घर को नसीब नहीं हो सका। इधर मौसम की तल्खी शुरू होने के साथ ही नगर क्षेत्र के हैंडपम्प कम पानी देना शुरू कर दिए हैं। जो थोड़े-बहुत चालू हैं, उनका पानी पीने लायक नहीं है। कस्बा के बाजार में गांव से आने-जाने वाले लोगों को शुद्ध पेयजल के परेशानी होने लगी है और जिम्मेदार मौन हैं। वर्ष 2020 में जब नगरा कस्बा को नगर पंचायत का दर्जा मिला तो नगरवासियों को लगा कि वर्षों से शोपीस बनी पानी टंकी ठीक होने के साथ ही हर घर को शुद्ध पेयजल नसीब होगा। इस पर पहल भी शुरू हुई और क्षतिग्रस्त पाइप की जगह लाखों रुपए खर्च कर नई पाइप बिछाई गई। हालांकि इसके बाद भी टंकी से जलापूर्ति नहीं हो सक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.