फरीदाबाद, नवम्बर 16 -- नूंह। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना को अब सेवा का अधिकार अधिनियम में शामिल कर दिया गया है और इसके तहत मिलने वाले लाभों के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित की है। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि इस योजना के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को पदनामित अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा संयुक्त निदेशक, अतिरिक्त निदेशक को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है। गर्भावस्था के दौरान मजदूरी से होने वाले नुकसान की भरपाई तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह योजना चलाई गई है। इसके तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं लाभ ले सकती हैं। अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाएं,...