लातेहार, दिसम्बर 14 -- लातेहार प्रतिनिधि। जिले में कुपोषण उन्मूलन की दिशा में प्रयास जारी हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था कई महत्वपूर्ण चुनौतियों की ओर संकेत करती है। जिले के चार कुपोषण उपचार केंद्रों (एमटीसी) में से दो में न्यूट्रीशनल काउंसलर की नियुक्ति नहीं होने से कुपोषित बच्चों के समुचित परामर्श और निगरानी पर असर पड़ रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल, गारू, महुआडांड़ और चंदवा में एमटीसी केंद्र संचालित हैं, जहां बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष सुविधा उपलब्ध है। सदर अस्पताल के एमटीसी इंचार्ज रौशनी कच्छप ने बताया कि अस्पताल में 15 बेड की क्षमता है, जिनमें फिलहाल चार कुपोषित बच्चों का इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि यहां भर्ती प्रत्येक बच्चे को पौष्टिक आहार, टोटल प्रोटीन, फैट, विटामिन समेत आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराए जाते हैं। ...