चाईबासा, नवम्बर 17 -- चाईबासा। पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि सारंडा रिजर्व फॉरेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने साफ कर दिया है कि जंगलों में बसे आदिवासी-मूलवासी समुदाय के अधिकार कभी समाप्त नहीं हुए थे और न ही खत्म किए जा सकते हैं। वन अधिकार अधिनियम, 2006 की धारा 3 और धारा 4(1) के अनुसार आवास, भूमि, सामुदायिक वनाधिकार और पारंपरिक जीवन से जुड़ी सभी सुविधाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इससे यह सिद्ध हो गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा फैलाया गया भय और भ्रम पूरी तरह निराधार था।
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