भागलपुर, मार्च 9 -- चार साल से लेकर 12 साल तक के बीच के बच्चों में ज्यादा मिल रही बीमारी 2022 तक सप्ताह में सात से आठ मामले मिलते थे, अब 10 से 12 मिल रहे भागलपुर, वरीय संवाददाता अपने साथियों के साथ खेल से लेकर पढ़ाई में मशगूल बच्चों को फेफड़े की टीबी (लंग्स टीबी) हो रही है। खेल व पढ़ाई के दौरान संक्रमित बच्चों के संपर्क में आकर मासूम बच्चे फेफड़े की टीबी की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। इसकी जानकारी न तो परिजनों को होती है और न ही बच्चों को। लेकिन जब फेफड़े की टीबी के कारण होने वाली अन्य समस्याओं का इलाज कराने के लिए बच्चे अस्पताल पहुंचते हैं, तब जाकर लोगों को पता चलता है कि उनका लाडला फेफड़े की टीबी का शिकार हो चुका है। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल यानी मायागंज अस्पताल के पीजी शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंकुर प्रियदर्शी कहत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.