बुलंदशहर, जनवरी 28 -- अनूपशहर। खेत पर काम कर रहे किसान परिवार से मारपीट करने वाले पड़ोसी किसान को दोषी मानते हुए अदालत प्रोवेशन में हाजिरी लगाने की शर्त पर रिहा किया। सहायक अभियोजन अधिकारी सूरज सिंह यादव ने बताया है कि 26 जुलाई 1998 को अशर्फी देवी उनकी बेटी लोकेश, बेटा सौदान अपने खेत में काम कर रहे थे। तभी पड़ोसी दुर्गा, हरपाल, राजेश, प्रेम सिंह निवासीगढ़ गांव तोरई अपने खेत की घास उनके खेत में डालने लगे। मना करने पर सभी ने लाठी डंडों से मारपीट शुरू कर दी। सौदान ने अनूपशहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। मामला अनूपशहर स्थित सिविल अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे के दौरान आरोपी दुर्गा सिंह की मृत्यु हो गई, जिससे उनका नाम केस से हटा दिया गया। वहीं हरपाल, राजेश, प्रेम सिंह को दोषी मानते हुए सिविल जज मयंक सिंह ने जेल में बिताए समय तथा सभी की वृद्...