संतकबीरनगर, जून 21 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में शुक्रवार को एससी कार्यालय परिसर में बिजली कर्मियों ने निजीकरण को लेकर विरोध किया। इस दौरान सभी ने कहा कि निजी घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने आरएफपी डाक्यूमेंट में बढ़ा-चढ़ा कर घाटा दिखाया है। समिति ने इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 22 जून को बिजली महापंचायत में व्यापक जन आन्दोलन का फैसला लिया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि पॉवर कारपोरेशन द्वारा विद्युत नियामक आयोग को निजीकरण के लिए सौंपे गए आरएफपी डॉक्यूमेंट में 45 हजार करोड़ रूपये का घाटा दिखाया गया है जो पूर्णतया निराधार और भ्रामक है। दरअसल निजी घरानों को बेजा मदद पहुंचाने के लिए पॉवर कारपोरेशन ने बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखाया है। किसानों, बुनकरों और गरी...
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