बिजनौर, मार्च 26 -- मुकददस रमजान का आखिरी अशरा चल रहा है। जो आग से खुलासी का होता है। रमजान माह में सभी बूढ़े, जवान व बच्चे भी इस पाक महीने में रोजे रखकर अल्लाह की इबादत कर रहे हैं। इस्लाम धर्म के लोगों के लिए रमजान का यह महीना अत्यंत पाक और बहुत ही पवित्र माना गया है। इस महीने में इस्लाम धर्म के लोगों में रोजा रखने की धार्मिक परंपरा है। क्योंकि उनके आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी हुई होती है। ऐसा माना जाता है कि रोजे के वक्त इंसान को अपने बेकार और बुरे कामों से दूर रहना चाहिए। अपनी आत्मा को पाक और पवित्र बनाने के लिए अल्लाह का ध्यान करके उनके प्रति खुद को समर्पित करना चाहिए। मुस्लिम धर्म के अनुसार रोजा पांच धार्मिक स्तंभों में से एक है। इसके अलावा बाकी के चार स्तंभ अल्लाह में आस्था, नमाज, जकात और हज को माना गया है। रमजान के महीने में तीसरा अशरा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.