मेरठ, नवम्बर 25 -- दिल्ली रोड स्थित प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में सोमवार को सत्य नारायण कथा का आयोजन किया गया। माउंट आबू से आई ब्रह्मकुमारी राययोगिनी उर्मिला दीदी ने सत्य नारायण कथा का महत्व बताते हुए कहा कि राजा जनक ने पल भर में अष्टावक्र का शिष्य बन ज्ञान की धारणा की और आत्मिक स्थिति में स्थित होकर राज्य संभाला और ज्ञान मार्ग पर चलकर मुक्ति प्राप्त की। कथा में उर्मिला दीदी ने कहा कि राजा जनक ने जीवन का यह सत्य समझ लिया था कि मनुष्य वास्तव में देह नहीं आत्मा है। असली मुक्ति का अर्थ देह त्यागना नहीं, बल्कि दुख-दर्द, तनाव और नकारात्मकता से मुक्त होना है। जो व्यक्ति अपने को आत्मा स्वरूप मानकर कर्म करता है, उसके जीवन में परमात्मा का साथ रहता है। इसी ज्ञान के कारण राजा जनक देह में रहते विदेही बन मानव समाज के लिए प्रेरणा बने।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.