देहरादून, दिसम्बर 31 -- देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल के युवक अंजेल चकमा की मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दिसंबर की शुरुआत में हुई इस घटना में अंजेल की जान चली गई। परिवार का दावा है कि यह नस्लीय हमला था, जबकि पुलिस इसे साधारण झगड़े से जोड़ रही है। दोनों पक्षों के बयानों से मामला और उलझ गया है।क्या है मामला? अंजेल चकमा और उनका छोटा भाई माइकल देहरादून के सेलाकुई इलाके में खरीदारी कर रहे थे। वहां छह युवकों का ग्रुप शोर मचा रहा था। माइकल के अनुसार, इनमें से कुछ ने "चिंकी", "चाइनीज" और "मोमो" जैसे नस्लीय शब्द कहे। जब भाइयों ने इसका विरोध किया, तो बात हाथापाई तक पहुंच गई। हमलावरों ने चाकू और कड़े से वार किया। माइकल घायल हो गए, जबकि अंजेल की चोटें गंभीर थीं। अस्पताल में इलाज के दौरान अंजेल की मौत हो गई।परिवार का आरोप: पुलिस गवाह की बात अन...
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