बरेली, नवम्बर 20 -- बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज़तनगर में आज भारतीय मीट विज्ञान संघ का 13वां राष्ट्रीय सम्मेलन और राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर संस्थान निदेशक एवं कुलपति ने डॉ त्रिवेणी दत्त ने संस्थान के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आईवीआरआई का राष्ट्रीय भूमिका में महत्वपूर्ण योगदान है । संस्थान ने अपनी स्थापना सन 1889 से लेकर आज तक पशु रोगो हेतु कई शोध किए तथा टीके विकसित किए । संस्थान ने देश से 4 महत्वपूर्ण बीमारियों के उन्मूलन में अहम भूमिका निभाई है । संस्थान 100 से अधिक टीके एवं निदान किट विकसित कर चुका है तथा 13 प्रमुख जैविक उत्पादों की आपूर्ति पूरे देश में करता है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोग निदान एवं प्रबंधन का केंद्र है इसके साथ ही साथ वन्यजीव स्वास्थ्य में राष्ट्रीय ...