रांची, दिसम्बर 4 -- रांची, वरीय संवाददाता। इंडियन एसोसिएशन ऑफ वेटनरी पैथोलॉजिस्ट्स (आइएवीपी) का 42वां वार्षिक सम्मेलन गुरुवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के रांची वेटनरी कॉलेज में शुरू हुआ। इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कृषि विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीकी ने पशु विकृति की पहचान, उसके सही आकलन और विश्वसनीयता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने आयोजकों से यह भी आग्रह किया कि सम्मेलन की महत्वपूर्ण अनुशंसाओं को राज्य सरकार को भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि पशु स्वास्थ्य और रोग निदान के हर स्तर पर जागरुकता बढ़ाई जा सके। बीएयू के कुलपति डॉ. एससी दुबे ने अपने संबोधन में मानव, पशु और पर्यावरण के लिए 'एक स्वास्थ्य' कार्यक्रम की अनिवार्यता पर बल दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में विशेषज्ञ पशु रोग वैज्ञानिकों की कमी क...