अलीगढ़, फरवरी 4 -- अलीगढ़, लोकेश शर्मा। कुपोषण की चर्चा होते ही एक दुबले-पतले, कमजोर बच्चे की तस्वीर सामने आती थी, लेकिन अब यह सोच बदल रही है। भारतीय बाल रोग अकादमी (आईपीए) ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ कम वजन ही नहीं, बल्कि जरूरत से अधिक वजन भी कुपोषण की श्रेणी में आता है। यानी, अब थुलथुल और जरूरत से ज्यादा वजन वाले बच्चों को भी कुपोषित माना जाएगा। देशभर में हुए सर्वे के बाद आईपीए ने ऐसे बच्चों को 'ओवर न्यूट्रिशन' की श्रेणी में रखने का निर्णय लिया है। बच्चों में तेजी से बढ़ते मोटापे को लेकर अब चिकित्सक गंभीर हो गए हैं। देशभर के बाल रोग विशेषज्ञों की संस्था आईपीए ने बच्चों के मोटापे को कुपोषण का नया रूप मानते हुए नई पहल शुरू की है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल वजन अधिक होना सेहत का संकेत नहीं है, यह शरीर में पोषण के असंतुलन की चेतावनी भी हो...