नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारत में बोतलबंद पीने के पानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि देश के अधिकांश आबादी को अभी भी बुनियादी पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि यह लग्जरी मुकदमा है और इस पर विचार नहीं किया जा सकता है। याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने 'याचिका के मूल आधार पर ही सवाल उठाते हुए याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि 'इस देश में पीने का पानी कहां है? लोगों के पास पीने का पानी नहीं है, बोतलबंद पानी की गुणवत्ता की बात तो बाद में आएगी।' याचिकाकर्ता सारंग वामन यादवाडकर क...