नई दिल्ली, नवम्बर 25 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्रीय और राज्य स्तर के 97 ऐसे मौजूदा कानून हैं, जिनमें कुष्ठ रोगों से पीड़ित व्यक्ति के साथ भेदभाव करने वाले प्रावधान हैं। आयोग इस रिपोर्ट में, इस पीड़ितों से भेदभाव करने वाले नियमों के 97 कानूनों में संशोधन करने के साथ ही रोगियों की पहचान, इलाज, पुनर्वास करने पर भी सुझाव दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ 2010 की एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। याचिका में राज्यों को एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया था ताकि अलग-अलग कानूनों के ऐसे प्रावधान पहचाने जा सकें जो कुष्ठ रोगियों या ठीक हो चुके लोगों से भेदभाव करते हैं। साथ ही, ऐसे प्रावधानों को हटाने के लिए समुचित कदम उठाने की मांग की गई थी। पीठ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी इस म...
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