प्रयागराज, जनवरी 24 -- राष्ट्र गीत वंदे मातरम् एक गीत तक सीमित नहीं है। वंदे मातरम् देश की एकता को एक सूत्र में पिरोने का मंत्र है। महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने शनिवार को मिनी सदन में वंदे मातरम् 150वीं जयंती पर आयोजित विशेष बैठक में कही। जीर्णोद्धार के बाद मिनी सदन की पहली बैठक में महापौर ने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने सात नवंबर 1875 वंदे मातरम् की रचना की, जो भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्राणतत्व बना और देशवासियों को एकजुट कर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष की शक्ति प्रदान की। वंदे मातरम् पर पार्षदों का विचार सुनने के बाद महापौर ने 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वर्किंग कमिटी का बैठक में वंदे मातरम् के स्वरूप में काट-छांट की गई। इससे देश में वैचारिक मतभेद उत्पन्न हुआ, जिसका प्रभाव राष्ट्रीय एकता पर भी पड़ा। कहा, प्...