गुमला, नवम्बर 13 -- गुमला, संवाददाता। पूर्व मंत्री विमला प्रधान और तोरपा के पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने कहा कि देश की आजादी में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है। परंतु दुख की बात यह है कि इन महापुरुषों को इतिहास के पन्नों में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे सच्चे हकदार थे। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित होटल बिंदेश में आयोजित प्रेस वार्ता में दोनों नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में पहली बार 15 नवंबर को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर जनजातीय समाज के गौरव को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करने का काम किया।उन्होंने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो जैसे जनजातीय वीरों ने अंग्रेजों के खिलाफ जिस साहस और बलिदान का परिचय दिया, वह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास ...