सीवान, दिसम्बर 4 -- जीरादेई, संवाददाता। गणतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति और राष्ट्रपुरुष देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती बुधवार को जीरादेई में सादगी और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश ने कहा कि देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय गणतंत्र के प्राण हैं। उनका जीवन तप, त्याग, सादगी और राष्ट्रनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। युवाओं को उनके मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेनी चाहिए। शोधार्थी डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को अपनी पुस्तक प्राचीन कुसीनारा का एक अध्ययन भेंट की। उन्होंने कहा कि चंपारण सत्याग्रह की नींव में भी डॉ. राजेंद्र बाबू की महत्वपूर्ण भूमिका रही, क्योंकि उन्होंने ही महात्मा गांधी को चंपारण आने के ...