बरेली, फरवरी 16 -- विंडरमेयर थिएटर फेस्टिवल के सातवें और अंतिम दिन देशज भोजपुरी संगीत से सजे नाटक बिदेसिया की प्रस्तुति हुई। इस नाटक ने दर्शकों को साथ-साथ गाने-गुनगुनाने, हंसने-हंसाने और रोने-सुबकने का मौका दिया। पटना से आए निर्माण कला मंच के कलाकारों ने विंडरमेयर में इस अनूठे संगीतमयी नाटक की 783वां प्रस्तुति दी। भोजपुरी के मशहूर लोककलाकार, रंगकर्मी भिखारी ठाकुर के लिखे इस नाटक का संगीत, परिकल्पना और निर्देशन रंगकर्मी संजय उपाध्याय ने किया है। नाटक बिदेसिया में दोस्त की सलाह पर रोजी-रोटी की तलाश में कलकत्ता पहुंचा नायक अपने पीछे नायिका को अकेला छोड़ गया है। शहर पहुंचकर फिर वही हुआ जो अक्सर होता रहा है। न कोई खत, न कोई खबर, न संदेश। नायिका रोया करती है नायक की याद में। बटोही बाबा से मिन्नत करती है। जैसे-तैसे बटोही परदेस पहुंचा तो पता चला क...
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