धनबाद, नवम्बर 2 -- धनबाद, वरीय संवाददाता देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागते ही शनिवार से सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गए। चार माह के चातुर्मास तक मांगलिक कार्यों पर विराम लगा रहा। शनिवार को देवोत्थान एकादशी पर तुलसी विवाह हुआ। इसके साथ ही शुभ कार्य के सभी द्वार खुल गए। 6 जुलाई को शुरू हुआ था चातुर्मास इस वर्ष छह जुलाई को चातुर्मास प्रारंभ हुआ था। मान्यता है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु चार माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और संसार महादेव संभालते हैं। चातुर्मास की समाप्ति शनिवार एक नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ हो गई। चातुर्मास को श्री हरि का प्रिय माना गया है। ईख से सजे मंडप में हुआ तुलसी-शलिग्राम का विवाह देवोत्थान एकादशी के शुभ दिन पर शनिवार की संध्या बेला में तुलसी महारानी और शालिग्राम का विवाह हुआ। घर-घर तु...