मुंगेर, जुलाई 4 -- मुंगेर,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। अषाढ़ माह की एकादशी को देवशयनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। देवशयनी एकादशी 6 जुलाई को है। इस दिन भगवान विष्णु योग निंद्रा में चले जाते हैं और इसके बाद से ही चातुर्मास की शुरूआत हो जाती है। देवशयनी एकादशी से चार माह तक भगवान विष्णु का शयनकाल चलता है। इस दौरान मांगलिक कार्य (विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश) पर रोक लग जाएगी। चार महीने बाद देवउठनी एकादशी(2 नवंबर) से मांगलिक कार्य शुरू होंगे। ज्योतिषों के अनुसार हिन्दु धर्म में देवशयनी एकादशी का बहुत ही अधिक महत्व है। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी व्रत करने एवं भगवान विष्णु की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। सारी परेशानियां खत्म हो जाती है और मनोकामना पूरी होती है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार हैं। उनके विश्राम में चले जाने के बाद मांगलिक कार्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.