वाराणसी, दिसम्बर 4 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में गुरुवार को वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को दण्डक्रम-त्रिविक्रम उपाधि से अलंकृत किया गया। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि वेद भारतीय ज्ञान परम्परा की आत्मा हैं। 19 वर्ष की आयु में दण्डक्रम पारायण जैसा दुष्कर अनुष्ठान पूरा करना हमारी वैदिक परम्पराओं की जीवंतता और युवा पीढ़ी की प्रतिबद्धता का द्योतक है। कुलपति ने कहा कि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय सदैव ऐसे प्रतिभाशाली वेदाभ्यासियों के संरक्षण, प्रोत्साहन एवं संवर्धन के लिए तत्पर रहेगा। कुलपति ने कार्यक्रम में मौजूद बटुकों को देवव्रत महेश रेखे से प्रेरणा लेकर ऐसे संकल्प लेने और पूरे करने का आह्वान किया। कुलपति ने देवव्रत रेखे को अभिनन्दन पत्र के साथ दण्डक्रम त्रिविक्रम उपाधि ...