नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा है जिसमें साल 2000 के एक मामले में तत्कालीन सीबीआई संयुक्त निदेशक नीरज कुमार और इंस्पेक्टर विनोद कुमार पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि कभी-कभी जांच करने वालों की भी जांच हो, ताकि जनता का भरोसा व्यवस्था में बना रहे। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के 26 जून 2006 के आदेश से साफ है कि दोनों अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में अनियमितता या गैरकानूनी कार्य किए और वे प्राथमिक दृष्टया अपराध के दोषी हैं। पीठ ने कहा, "शिकायतों और याचिकाओं से यह स्पष्ट झलकता है कि दोनों अधिकारी मिलीभगत में काम कर रहे थे। यह तथ्य जांच का विषय है...
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