बिजनौर, जुलाई 21 -- श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य हनु उपाध्याय ने ध्रुव और माता अनुसूइया की कथा सुनाई। ध्रुव की कथा में उनकी निष्ठा और समर्पण को दर्शाया गया है, जबकि माता अनुसूया की कथा में उनकी पति भक्ति और धार्मिक महत्व को बताया गया है। शिव मंदिर मोहल्ला समना सराय में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथावाचक आचार्य हनु उपाध्याय ने ध्रुव की कथा में सुनाते हुए बताया कि कैसे उन्होंने भगवान विष्णु की तपस्या करके ध्रुव पद प्राप्त किया। उनकी इस तपस्या और निष्ठा ने उन्हें एक अद्वितीय स्थान दिलाया।उन्होंने जनमानस को ध्रुव की तरह ही भक्ति करने का संदेश दिया।वही माता अनुसूया की कथा में उनकी पति भक्ति और धार्मिक महत्व को दर्शाया गया है। उनकी कथा में बताया गया है कि कैसे उन्होंने अपनी पति भक्ति के बल पर देवताओं का आशीर्वाद...
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