मुरादाबाद, मार्च 20 -- जुमेरात को माहे रमजान का 19वां और दूसरे अशरे का नवां रोजा है। आज जुमे को बीसवें रोजे के साथ ही मगरिब की नमाज के बाद माहे रमजान का अंतिम और तीसरा जहन्नुम से निजात का अशरा भी शुरू हो जाएगा। इस तरह दूसरे अशरे की आज आखिरी रात है। इसीलिए आज दिनभर लोगों ने इबादत कर अल्लाह से मगफिरत के लिए दुआ की। इबादत का यह सिलसिला देर रात तक भी चलता रहा। शाम को करूला स्थित एक स्कूल में रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया। क्षेत्र निवासी तैय्यब उल एहसान और राशिद हुसैन ने रोजा इफ्तार का आयोजन किया। इफ्तार से पहले दुआ की गई। इफ्तार के बाद नमाज अदा की गई। इस मौके पर कारी एहसानुल हक ने माहे रमजान के दूसरे और मगफिरत के अशरे की फजीलत बयान की। उन्होंने बताया एक मात्र यही अशरा है जिसमें अल्लाह की इबादत कर उन्हें राजी किया जा सकता है। अल्लाह के राजी हो...
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