गाजीपुर, जनवरी 3 -- गाजीपुर, संवाददाता। शहर में दूषित पेयजल की दर्जनों शिकायतों रोजाना नगर पालिका के पास पहुंचती है। कहीं पर पानी गंदा आने की तो कहीं पर पानी से बदबू आने की शिकायत होती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पानी की जांच के लिए नगर पालिका के पास आज तक कोई आधुनिक लैब उपलब्ध नहीं है। जांच के लिए पानी का सैंपल लेकर जल निगम को भेजा जाता है। नगर पालिका के 25 वार्डों में पेयजल आपूर्ति के लिए शहर को चार जोन में बाटा गया है। इसमें लंका, गोराबाजार, आमघाट और रुईमंडी शामिल है। नगर में पेयजल पाइप रिसाव, बदबूदार और दूषित पानी की शिकायत के बावजूद नगर पालिका की उदासीनता लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। नगरवासियों से हर साल नियमित रूप से वाटर टैक्स की वसूली की जाती है, लेकिन इसके बदले शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। कई वार्ड...