मुजफ्फरपुर, मई 29 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले की जांच में पुलिस ने 10 साल लगा दिए। कोई साक्ष्य नहीं मिलने का हवाला देकर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी, जिसमें दलील दी गई कि जिस मोहल्ला में घटना हुई थी, वहां से पीड़ित परिवार कहीं और चला गया। वे लोग कहां चले गए, यह पता नहीं चल पा रहा है। उनके इंतजार में केस को लटकाए नहीं रखा जा सकता है। मिठनपुरा में हाथी चौक से गौशाला की ओर जाने वाले मार्ग में 10 साल पहले सड़क किनारे झोपड़पट्टी थी। 40 से 50 परिवारों का स्लम बस्ती था। सड़क निर्माण के दौरान यह बस्ती हटा दी गई। इस बस्ती में 10 साल पहले एक नाबालिग से दुष्कर्म की घटना हुई थी। बाइक सवार ने घटना को अंजाम दिया था। केस दर्ज होने के बाद लंबे समय तक कोर्ट इंतजार करती रही। इसके बाद कोर्ट ने जांच अधिकारी से प्रोग्रे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.