नई दिल्ली, फरवरी 19 -- नई दिल्ली, का.सं.। तीस हजारी अदालत ने शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी को नियमित जमानत दे दी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार खर्ता की अदालत ने 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों पर रिहाई के आदेश दिए। आरोपी पर आईपीसी की धारा 376(2)(एन) के तहत केस दर्ज है। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय मानकों के अनुरूप नहीं थी। जांच अधिकारी ने 'गिरफ्तारी के आधार' शीर्षक से दस्तावेज तो दिया, लेकिन उसमें सामान्य कारण लिखे थे, ठोस और व्यक्तिगत आधार नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि 'गिरफ्तारी के कारण' और 'गिरफ्तारी के आधार' अलग होते हैं। आधार में ऐसे विशिष्ट तथ्य होने चाहिए जो आरोपी की गिरफ्तारी की अनिवार्यता दर्शाएं। इस मामले में आरोपी को विस्ता...