देहरादून, नवम्बर 26 -- सेना के संचार तंत्र को ज्यादा सुरक्षित और पूरी तरह स्वदेशी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देहरादून स्थित डीआरडीओ की लैब ने एक ऐसा अत्याधुनिक और फुल-प्रूफ रेडियो सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसे जल्द ही थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों ही सेवाओं में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया जाएगा।खासियत यह सॉफ्टवेयर पारंपरिक रेडियो सेटों से बिल्कुल अलग है। यह एक सॉफ्टवेयर डिफाइन्ड रेडियो (SDR) प्लेटफॉर्म है, जिसमें रेडियो की महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं जैसे सिग्नल भेजना-पाना, एन्क्रिप्शन और डेटा प्रोसेसिंग सब कुछ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के जरिए होता है। इसकी खासियत यह है कि इसे जरूरत पड़ने पर सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट करके अपग्रेड किया जा सकता है, हार्डवेयर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती। यह भी पढ़ें- भारतीय सेना में कम क्यों हो गए सैनिक?अब ...