मेरठ, अक्टूबर 7 -- समय से पूर्व जन्मे 1800 ग्राम वजन के नवजात शिशु की माइक्रोइंसीजन विट्रेक्टॉमी तकनीक से दोनों आंखों की सफल सर्जरी रेटिना विशेषज्ञ डॉ. कोपल मित्थल ने की है। अभी तक इस तरह की सर्जरी के लिए दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता था। अब अपने शहर में डॉ. संदीप मित्थल एडवांस्ड फेको-रिफ्रैक्टिव विट्रियो-रेटिना सेंटर पर सफल सर्जरी करने शुरुआत की गई है। डॉ. कोपल ने बताया कि समय पूर्व जन्मे या फिर कम वजन के बच्चों की आंखों की जांच में देरी होने पर आरओपी सर्जरी करने जरूरत पड़ती है। जुड़वां बच्चों में से एक का जन्म केवल 7 माह की गर्भावस्था में और बेहद कम वजन के साथ हुआ था। रेटिना की जांच में एक सप्ताह की देरी ने रोग की दिशा बदल दी। धीरे-धीरे रेटिना अलग होने लगा और दृष्टि खोने का खतरा बढ़ गया। अभी तक डॉ. कोपल 5000 से अधिक समय से पूर्...
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