सिमडेगा, दिसम्बर 27 -- पाकरटांड़। पाकरटांड़ प्रखंड के सुदुरवर्ती गांव चेराअंबा की बेटी ईभा अंजली डुंगडुंग ने अपने संघर्ष से सभी को प्रभावित किया है। हॉकी की नर्सरी के रुप में विख्यात जिले के इस सुदुरवर्ती गांव जहां महज दो घर है और उंचे पहाड़ एवं जंगल को पैदल पार करने के बाद सड़क तक पहुंचा जाता है। इस गांव की बेटी इभा हॉकी खेलने के लिए रोज पहाड़ो की पगडंडी पर हॉकी स्टिक लेकर चलते हुए दो दुगर्म पहाड़ को पार करके हॉकी खेलने पाकरटांड़ डे बोडिंग हॉकी सेंटर आती है। हॉकी संघ के अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने बताया कि आठ वर्ष की उम्र में ही इभा प्रतिदिन इन बाधाओं को पार करते हुए हॉकी सेंटर आती रही और हॉकी के गूर को सीखी। इभा का संघर्ष हॉकी के प्रति लग्न और जज्बे का प्रतीक है। हर मौसम में बिना एक दिन भी अनुपस्थित नहीं होते हुए जंगल पहाड़ लांघ कर ट्रेनिंग ...