कानपुर, नवम्बर 20 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता गन्ने से चीनी बनाने के दौरान अब रसायनों का इस्तेमाल नहीं बल्कि जामुन, आम जैसे पेड़ों की छाल का प्रयोग किया जाएगा। इससे न सिर्फ चीनी मिलों में शुद्ध पानी की बचत होगी बल्कि चीनी की शुद्धता और मिठास में भी वृद्धि होगी। सल्फर मुक्त चीनी होने से यह स्वास्थ्य के प्रति भी अधिक लाभदायक होगी। यह विशेष तकनीक राष्ट्रीय शर्करा संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा की देखरेख में वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित की है। उन्होंने कहा कि दुनिया में यह पहला मौका है, जब चीनी बनाने में किसी रसायन का इस्तेमाल नहीं होगा। इस विशेष तकनीक का सफल परीक्षण प्रयोगशाला के साथ अयोध्या के रौजागांव चीनी मिल में 6000 मीट्रिक टन गन्ने से चीनी बनाने में हुआ है। प्रो. परोहा ने बताया कि यह पूरी रिसर्च अर्जेंटीना में मिलने वाले पेड़ क्चेब...