सहारनपुर, फरवरी 3 -- सरसावा के गांव तेलीपुरा तीतपालु निवासी आरिफ ने आंसुओं के बीच बताया कि उनका भतीजा आहद (14) चारों बच्चों में पढ़ाई के लिहाज से सबसे अधिक होशियार था। वह अक्सर अपनी अम्मी इशरत से कहा करता था कि वह बड़ा होकर डॉक्टर बनेगा और न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरे देश में अपने माता-पिता का नाम रोशन करेगा। आहद अपनी मां से कहा करता था, 'अम्मी, बस तुम मुझे अच्छी तालीम दिलाते रहो, मैं बड़ा आदमी बनूंगा'। आरिफ ने भावुक होते हुए बताया कि आहद यह भी कहता था कि उसके अब्बा का निधन हृदय गति रुकने से हुआ है, इसलिए वह बड़ा होकर हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) बनेगा। आहद का सपना था कि वह अपने क्षेत्र में रहकर गरीब और जरुरतमंद लोगों का निशुल्क इलाज करेगा, ताकि कोई और बच्चा अपने पिता को इस तरह न खोए। उन्होंने बताया कि आहद की इसी लगन और समझदारी को दे...
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