नोएडा, दिसम्बर 15 -- ग्रेटर नोएडा। गाजियाबाद निवासी सुहैल अख्तर सिद्दीकी ने न्यायालय को बताया कि वर्ष-2014 में उन्होंने ग्रेटर नोएडा के टेक जोन-4 स्थित एक बिल्डर के कामर्शियल प्रोजेक्ट में दुकान बुक करवाई थी। बिल्डर की ओर भरोसा दिलाया गया कि तय समय में निर्माण पूरा कर कब्जा दे दिया जाएगा। इसके बाद 2 मार्च 2017 को दोनों पक्षों के बीच एग्रीमेंट हुआ। पीड़ित पक्ष ने कुल 16.10 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया। यह भुगतान जुलाई 2014 से जुलाई 2017 के बीच किया गया, जिसकी रसीदें भी बिल्डर द्वारा जारी की गईं। एग्रीमेंट के अनुसार दुकान का कब्जा दो मार्च 2020 तक दिया जाना था। लेकिन आज तक कब्जा नहीं दिया गया। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

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