चमोली, नवम्बर 6 -- गैरसैंण मेले का तीसरी संध्या दीपा नागरकोटी एवं रोहित चौहान के नाम रही। उनके द्वारा गाए गीतों पर लोग नाचने को मजबूर हो गए। दीपा ने मोहनी हरिया साड़ी लाल विलोजा, मधना सुनार मधना, तो रोहित ने दग्डियों की जाई छै बरात, चल स्याली रामदेई, रूप क्या, रंग तैरा नखरा छोरी चंदरा आदि कई लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी जिन दर्शक झूमने को मजबूर हो गये। मेले में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग पहुंचे ।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.