दुमका, अक्टूबर 12 -- दुमका। दीपों के त्योहार दीपावली को लेकर घर-घर में तैयारी चल रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक दीये के दौर में अब मिट्टी के दीये का महत्व कायम हैं। दीपावली पर न केवल पूजा-पाठ बल्कि घरों को सजाने के लिए भी मिट्टी के दीये की अच्छी डिमांड हैं। गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, मिट्टी का कलश और खिलौने का भी दिवाली में खूब बिक्री होती हैं। दीपावली के पहले का समय उनके लिए सबसे अहम माना जाता है, लेकिन इस बार लगातार हो रही बारिश ने उनका काम पूरी तरह ठप कर दिया है। कुम्हारों के चाक थम गई थी। जहां पिछले साल तक बड़ी मात्रा में दीये बनाए गए थे और बिक्री हुई थी, वहीं इस बार दीये बनाने का काम आधा भी नहीं हो पा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण कुम्हार समाज थोड़ा उदास थे। परन्तु कुछ दिनों से आसमान साफ रहने के कारण चाक में तैजी देखी गई। दिपावली त्योहार क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.