फतेहपुर, जनवरी 1 -- फतेहपुर। घर परिवार और समाज की परवाह किए बगैर दीदियों ने स्वरोजगार से आत्मनिर्भर और आर्थिक मजबूत हुई। खेतीबाड़ी और पशुपालन कार्य के अलावा मत्स्य पालन की भी शुरुआत की। विभागीय अनुदान की मदद से मुनाफा कमा रही है। इनसे प्रेरित होकर सैकड़ो महिलाएं प्रेरित हुई और रोजगार को अपनाया। जिले का नाम रोशन करने और आर्थिक स्थितियों को सुधारने में स्वंय सहायता समूह की दीदियां भी पीछे नहीं रहीं। 2025 में मत्स्य योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट से हथगाम, मलवां, अमौली, भिटौरा से हुई। बायोफ्लॉक्स विधि से 122 स्थानों में 60 हजार की लागत से टैंक स्थापित कराया। इसके लिए एनआरएलएम विभाग की ओर से सिंधी प्रजाति मछली के लिए 30 हजार का अनुदान दिया गया। योजना से मुनाफा कमाने से नहीं चूंकी और पल्लू ओढ़ मछली पालन किया। वर्तमान में करीब 250 से अधिक दीदि...