बस्ती, नवम्बर 30 -- बस्ती, निज संवाददाता। लीआईसी के मैदान में चल रहे 151 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को दीक्षा संस्कार और महायज्ञ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में शंतिकुंज हरिद्वार से आई टोली को विधिविधान के साथ विदाई दी। महायज्ञ में सुबह से ही हवन-पूजन करने के लिए लोगों को तांता लगा रहा। गायत्री मंत्र के साथ लोगों को हवन कुंड में आहुति दी गई। कार्यक्रम के बाद शांतिकुंज हरिद्वार की टोली को विधिविधान से विदाई दी गई। टीम ने आए हुए लोगों का आभार जताया। कथावाचक राजकुमार भृगु ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवनदायिनी परंपरा है। उन्होंने कहा कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने यज्ञ को मानव-निर्माण और समाज-निर्माण की प्रयोगशाला बताया है। इसके मा...