चाईबासा, जनवरी 20 -- चाईबासा, संवाददाता। दिहाड़ी मजदूर के बेटे घनश्याम जमुदा ने राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में परचम लहराया है। जब हालत सपनों को कुचलने की कोशिश करते हैं, तब कुछ बच्चे अपनी मेहनत से इतिहास लिखते हैं। पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती गांव कोटसोना के रहने वाला घनश्याम जमुदा ने ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी रची है। एसजीएफआइ अंडर 19 राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में असाधारण प्रदर्शन करते हुए दो रजत एवं एक कांस्य पदक जीतकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले और राज्य को गौरवान्वित किया है। प्रतियोगिता 14 -18 जनवरी 2026 तक मणिपुर के इंफाल में आयोजित किया गया था। घनश्याम के पिता दिनभर दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं और मां रेजा कुली का कठिन श्रम करती हैं। ऐसे कठिन परिस्थितियों में भी इसके माता पिता ने अपने बेटे के स...
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