अयोध्या, मई 30 -- अयोध्या। राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की ही तरह इस बार भी राम दरबार व शेषावतार सहित अन्य छह मंदिरों के मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान होगा। पहले और इस बार में मूल अंतर यह है कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का समारोह " भूतों न भविष्यति " की तरह था तो इस बार कोई समारोह नहीं हो रहा है बल्कि अनुष्ठान तक ही सीमित कर दिया गया है। फिलहाल अनुष्ठान की तैयारियों के साथ श्रीराम जन्मभूमि परिसर की भव्य साज-सज्जा की भी तैयारी की जा रही है। उधर राम मंदिर परिसर में दो-दो यज्ञ मंडपका निर्माण कराया गया है। यह यज्ञ मंडप पहले भी था लेकिन पुराने यज्ञ मंडप के बांस-बल्लियों को हटाकर नये सिरे से तैयार किया गया है। इसके अलावा उस स्थान पर नौ यज्ञकुंड भी बनाए गये है। यहां 101 वैदिक आचार्यों के द्वारा अनुष्ठान की विधि पूरी की जाएग...
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