महाराजगंज, मई 25 -- परतावल, हिन्दुस्तान संवाद। सरहद की सुरक्षा के लिए जान की बाजी लगाने वाले एसएसबी जवान को अपने ही जिले में जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन से गांव की कच्ची सड़क को पक्की करने की मांग पर मायूसी मिल रही है। एसएसबी जवान का कहना है कि उसकी तीन साल की दिव्यांग बच्ची है। उसे इलाज के लिए परिजन अस्पताल ले जाते हैं। बारिश से कच्ची सड़क कीचड़ से सन जाने से परिजनों की परेशानी देख एसएसबी जवान आईजीआरएस पर कई बार अपनी पीड़ा दर्ज करा चुका है, लेकिन घर की सड़क की सूरत कीचड़ से अभी भी सनी हुई है। परतावल क्षेत्र के ग्राम सभा बड़हरा बरईपार निवासी नरेंद्र चौरसिया सशस्त्र सीमा बल में पिछले 12 वर्ष से तैनात हैं। शिकायती पत्र को दिखाते हुए एसएसबी जवान बताया कि गांव से घर को जोड़ने वाली सड़क कच्ची है। बरसात में कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है। नर...