प्रयागराज, अप्रैल 30 -- प्रयागराज। नामचीन कवि अदम गोंडवी की कविता है कि तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है। मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है..। सच में कुछ दावे सिर्फ किताबी ही होते हैं। क्योंकि जो परेशानियों से रूबरू हो रहे होते हैं उनमें उन जिम्मेदारों का अपना कोई नहीं होता जो कतार में लगा रहता है। कारण कुछ भी हो लेकिन यदि दिव्यांगों की दिक्कतों से रूबरू होना है तो किसी सोमवार को सुबह सात बजे सीएमओ कार्यालय आइए। सीएमओ कार्यालय में हर सोमवार को दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाया जाता है। दिव्यांगता का प्रमाणपत्र बनने की प्रक्रिया तो केवल 50 से 60 लोगों की ही पूरी हो होती है, लेकिन जिले से लगभग 200 से 250 दिव्यांग सुबह ही यहां आ जाते हैं। जिसका नंबर दोपहर दो बजे तक दिव्यांग बोर्ड के सामने तक आ गया उसकी प्रक्रिया तो आगे बढ़ जाएगी, ...
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