पटना, दिसम्बर 3 -- दिव्यांगता एक अलग तरीके से जीवन जीने की कला है। समाज में लोगों की ऐसी सोच हो, इसके लिए हर दिव्यांग को खुद, परिवार और समाज को अपना नजरिया बदलना होगा। दिव्यांगों को खुद पर गर्व महसूस करना होगा। इसके लिए परिवार और समाज दोनों का सहयोग होना चाहिए। ये बातें बुधवार को समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कहीं। वे ज्ञान भवन में विश्व दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांगजन सशक्तीकरण निदेशालय समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चे और उनके अभिभाावकों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने दिव्यांगजनों के साहस, कौशल और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि ये सभी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित ज्योति कुमारी, अनु कुमारी, मेनुका पौडेल आदि को उनकी उपलब्धियों पर बधाई दी। दिव्यांगजन सशक्ती...
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