रामपुर, नवम्बर 22 -- ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से एक होटल में घर बने मंदिर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भीनमाल राजस्थान से पधारी मुख्य वक्ता गीता दीदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहले घर के सभी सदस्यों के बीच में एक दुसरे के प्रति बहुत प्रेम ,स्नेह और अपनत्व देखने को मिलता था ,घर के सुख-दुख में सभी सदस्य एक साथ रहते थे और हर साथ बैठ कर हर समस्या का समाधान निकाल लेते थे। परन्तु आज का जीवन बिल्कुल अलग नजर आ रहा है। घर के सदस्यों की सोच बदल गई है और आपस में विश्वास खत्म होता जा रहा है। युवा नशे का शिकार हो रहे हैं जिसके चलते परिवार टूट रहे हैं। कहा कि जिस घर में पवित्र वातावरण और आचरण शुद्ध होता है वह घर-घर नही मंदिर बन जाता है। दिव्यता का संचार ही घर को आश्रम या मंदिर बनाता है। जिस घर में आपस में प्रेम है, अपनापन है,आपसी तालमेल...
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