नई दिल्ली, फरवरी 20 -- हिंदू धर्म में भाई-बहन के पवित्र और अटूट बंधन को मनाने का त्योहार भाई दूज है। यह पर्व साल में दो बार आता है - एक कार्तिक मास में दिवाली के बाद यम द्वितीया को और दूसरा चैत्र मास में होली के बाद यानी होली भाई दूज। होली के रंगों और उत्साह के बाद भाई दूज बहन के तिलक और भाई के आशीर्वाद से परिवार में प्रेम और स्नेह की नई ऊर्जा भर देता है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि परिवार के बंधन कितने मजबूत और अमूल्य होते हैं। आइए जानते हैं होली के बाद भाई दूज क्यों और कैसे मनाया जाता है।भाई दूज का महत्व भाई दूज भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और उनकी लंबी उम्र, समृद्धि तथा सुरक्षा की कामना करती हैं। बदले में भाई बहन को उपहार देते हैं और उनका आशीर्वाद ले...